Thursday, April 25, 2019

क्या श्रीलंका का 'हमलावर' बौद्ध था जो बुर्क़ा पहने हुए गिरफ़्तार हुआ? फ़ैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर श्रीलंका में हुए बम धमाकों से जोड़कर एक पुराना वीडियो बेहद भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

क़रीब 30 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में बुर्क़ा पहने हुए एक शख़्स दिखाई देता है जिसे पुलिस ने गिरफ़्तार कर रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है.

दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो श्रीलंका का है और इसका ताल्लुक श्रीलंका में हुए सीरियल बम धमाकों से है.

जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो सर्कुलेट किया है, उनका दावा है कि "मुस्लिम महिलाओं का लिबास पहने इस बौद्ध को श्रीलंका पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. ये शख़्स श्रीलंकाई चर्चों में धमाके करने वालों में शामिल था."

बीते 48 घंटों में इसी दावे के साथ यह वीडियो हज़ारों लोग फ़ेसबुक पर पोस्ट कर चुके हैं. ट्विटर पर भी इस वीडियो के सैकड़ों शेयर हैं.

21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका के कई शहरों में हुए सीरियल बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बुधवार तक बढ़कर 359 हो गई थी और 500 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 38 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं. इनमें से 26 लोगों को सीआईडी ने, तीन को आतंकरोधी दस्ते ने और नौ को श्रीलंका पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

लेकिन जिस वीडियो को श्रीलंका में धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार हुए 'बौद्ध शख़्स' का बताकर शेयर किया जा रहा है, उस वीडियो का इस हादसे से कोई लेना-देना नहीं है.

भारत के कई राज्यों समेत श्रीलंका में भी वायरल हो रहा ये वीडियो अगस्त 2018 का है.

वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो है तो श्रीलंका का ही, लेकिन इस वीडियो को श्रीलंका के स्थानीय मीडिया नेटवर्क 'नेथ न्यूज़' ने सीरियल बम धमाकों से क़रीब आठ महीने पहले यू-ट्यूब पर पोस्ट किया था.

29 अगस्त 2018 को पोस्ट की गई यह वीडियो 'नेथ न्यूज़' के यू-टयूब पेज पर मौजूद है.

मीडिया नेटवर्क के अनुसार श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से सटे पश्चिमी प्रांत राजगिरी में इस शख़्स को पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.

'नेथ न्यूज़' की वेबसाइट पर इस वीडियो के साथ छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ वीडियो में दिख रहा शख़्स ऑटोरिक्शा में बैठकर वेलीकाडा पब्लिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स तक पहुँचा था. लेकिन ऑटोरिक्शा चालक को इस आदमी के रवैये पर शक़ हुआ तो उसने पुलिस को इसकी सूचना दी और उसे गिरफ़्तार करा दिया था.

इस शख़्स पर क्या आरोप लगे थे? इस बारे में नेथ न्यूज़ की रिपोर्ट में कुछ नहीं लिखा है.

श्रीलंका की ही 'एक्सप्रेस न्यूज़' नाम की वेबसाइट ने नेथ न्यूज़ के हवाले से 30 अगस्त 2018 को इस घटना की रिपोर्ट पब्लिश की थी.

वीडियो को ग़लत संदर्भ के साथ वायरल होता देख नेथ न्यूज़ ने अपने फ़ेसबुक पेज पर इस वीडियो के बारे में एक स्पष्टीकरण जारी किया है.

उन्होंने लिखा है, "ध्यान दें! यह वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया जा रहा है. ये वीडियो क्लिप 29 अगस्त 2018 को हमने पब्लिश किया था."

धमाकों को सांप्रदायिक तनाव से जोड़ने की कोशिश?
पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के बहुसंख्यक सिंहली समुदाय और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक तनाव रहा है.

पिछले साल मार्च में सिंहला बौद्ध लोगों की भीड़ ने दिगाना शहर में मुसलमानों की 150 से ज़्यादा दुकानें, घर और मस्जिदों को जला दिया था जिसके बाद देश में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तथाकथित चरमपंथी संगठन 'इस्लामिक स्टेट' ने अपने मीडिया पोर्टल 'अमाक़' पर इन हमलों की ज़िम्मेदारी क़बूल की है.

लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि आमतौर से इस्लामिक स्टेट हमलों के तुरंत बाद हमलावरों की तस्वीरें प्रकाशित करके ऐसे हमलों की ज़िम्मेदारी लेता रहा है.

वहीं श्रीलंका सरकार ने एक स्थानीय जेहादी गुट 'नेशनल तौहीद जमात' का नाम लिया है और अधिकारियों ने बम धमाके किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की मदद से कराये जाने की बात की है.

Thursday, April 11, 2019

राहुल गांधी के 'रहस्यमय तीसरे हाथ' का सच

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की एक बुजुर्ग महिला से गले मिलने की फ़ोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

इस वायरल तस्वीर पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि तस्वीर में तीसरा 'रहस्यमय हाथ' किसका है.

भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट किया, "ये तीसरा हाथ किसका है? मैंने आपसे कल ही एक अच्छी पीआर एजेंसी के साथ करार करने के लिए कहा था."

वायरल हो रही इस तस्वीर का इस्तेमाल दरअसल कांग्रेस पार्टी की न्यूनतम आय गारंटी योजना (NYAY) के प्रचार विज्ञापन में किया गया है.

एबीपी न्यूज़ के पत्रकार विकास भदौरिया ने भी ट्वीट किया, "क्या आप पहली तस्वीर में राहुल गांधी के तीन हाथों को खोज सकते हैं. अगर नहीं तो कृपया दूसरी तस्वीर देखें. यह तीसरा हाथ किसका है?"

भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेता और केंद्र सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी ने इसका जवाब दिया कि कांग्रेस का ये 'छल-कपट वाला हाथ' पार्टी की भ्रष्ट मानसिकता को दिखाता है.

फ़ोटो की सच्चाई
रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि ये तस्वीर साल 2015 की है.

कांग्रेस ने दिसंबर 2015 में अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राहुल गांधी के तमिलनाडु और पुदुचेरी के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों के दौरे के बाद कई तस्वीरें जारी की थीं.

कांग्रेस पार्टी के ट्वीट में शामिल ओरिजनल फ़ोटो को देखकर पता चलता है कि यह फ़ोटो एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा है. इस तस्वीर में कई अन्य लोगों को पीछे देखा जा सकता है.

विज्ञापन में इस्तेमाल के लिए तस्वीर में दिख रहे अन्य लोगों को और पृष्ठभूमि को धुंधला कर दिया गया था.

लेकिन न्याय योजना के विज्ञापन के लिए इस तस्वीर को प्रकाशित करने से पहले इसे अच्छे ढंग से एडिट नहीं किया गया.

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने दो हिंदू लड़कियों रीना और रवीना को उनके पतियों के साथ जाने की इजाज़त दे दी है. कोर्ट ने कहा है कि इन लड़कियों की उम्र 18 साल से ऊपर है, साथ ही उनके जबरन धर्मांतरण को लेकर कोई पुख़्ता सबूत नहीं हैं.

पिछली सुनवाई के बाद कोर्ट ने एक इस मामले की जांच के लिए पूछताछ आयोग का गठन किया था.

रीना और रवीना के पिता हरी लाल ने आरोप लगाया था कि उनकी बोटियों को बंदूक़ के ज़ोर पर अग़वा कर लिया गया था.

लड़की के पिता का कहना है कि उनकी दोनों बेटियां नाबालिग़ हैं जिनकी उम्र 13 और 15 साल है.

जबरन धर्मांतरण की बात को ख़ारिज करते हुए जज ने कहा कि आयोग सिंध के देरखी इलाके में ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं. जहां लड़कियां अपना घर छोड़कर मुस्लिम लड़के से शादी करती हैं. हम ऐसी लड़कियों को संस्थागत सुविधा भी देते हैं. हालांकि ये संस्थागत सुविधाएं सरकारी एजेंसियों की ओर से नहीं दी जाती हैं.

Wednesday, April 3, 2019

लोकसभा चुनाव 2019: घोषणा पत्र नहीं ढकोसला पत्र है ये - मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र को ख़ारिज करते हुए इसे ढकोसला पत्र बताया है.

मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में एक चुनाव सभा में कहा, "इनलोगों की तरह ही इनका घोषणा पत्र भी भ्रष्ट होता है. बेईमान होता है, ढकोसलों से भरा होता है, और इसलिए उसे घोषणा पत्र नहीं ढकोसला पत्र कहना चाहिए."

उन्होंने वहाँ कहा कि इसका उदाहण कांग्रेस के पिछले घोषणा पत्रों में किए गए वादों से मिलता है.

मोदी ने कहा,"2004 के अपने ढकोसला पत्र में महामिलावटी लोगों ने 2009 तक देश के हर घर में बिजली पहुँचाने का वादा किया था. लेकिन 2014 में जब मैं आया, तब तक देश के 18 हज़ार घर अंधेरे में थे, और करोड़ों परिवारों ने बिजली नहीं देखी थी."

"2009 में उन्होंने फिर ढकोसला लाया, पहले के वादे का क्या हुआ कोई जवाब नहीं दिया, उनके चेले-चपाटों ने भी कोई सवाल नहीं किया. और 2014 में उन्होंने फिर एक वादा किया कि शहरों में शत-प्रतिशत और गाँवों में 90 प्रतिशत जगहों तक बिजली पहुँचाएँगे. 2004 में कहते थे सबको पहुँचाएँगे, 2009 में कहने लगे कुछ छूट जाएँगे, और ना चार में किया, ना नौ में किया ना 14 में किया."

मोदी बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र के गोंडला और पश्चिम बंगाल में कोलकाता और सिलिगुड़ी में भी चुनाव सभा करने वाले हैं.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ओडिशा के उमरकोट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वो अंग्रेज़ी बोलने वाला मुख्यमंत्री चुन कर फिर से ग़लती ना करें.

अमित शाह ने कहा कि वो दोबारा ऐसा अंग्रेज़ी स्पीकिंग मुख्यमंत्री को चुन कर ग़लती न दोहराएं जो वोटरों की भावनाएं समझ न पाते हों.

भाजपा अध्यक्ष का इशारा प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तरफ था जो बीते 19 सालों से सत्ता संभाले हुए हैं लेकिन अब तक वो ओड़िया भाषा में बात नहीं कर पाते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के वर्धा में एक चुनावी रैली में कांग्रेस और उसकी सहयोगी एनसीपी पर निशाना साधा.

उन्होंने एनसीपी के शीर्ष नेता शरद पवार के परिवारिक कलह का हवाला देते हुए एनसीपी पर हमला बोला.

दोनों पार्टियों को कुंभकरण बताते हुए मोदी ने कहा कि जब ये सत्ता में आती हैं तो घोटाले करती हैं और फिर छह छह महीने सोती रहती हैं.

उन्होंने अपने भाषण में बालाकोट पर विपक्ष के सवाल करने पर तंज कसा और कहा, 'आपको सबूत चाहिए या सपूतों पर गर्व.'

मोदी ने हिंदू आतंकवाद को लेकर भी कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि सुशील कुमार शिंदे जब केंद्रीय मंत्री थे तो उन्होंने इसी महाराष्ट्र की धरती से हिंदू आतंकवाद की चर्चा को शुरू किया था.

उन्होंने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सूखे के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यहां सिंचाई परियोजनाएं लंबे समय तक लटकी रहीं.

महाराष्ट्र में चार चरण में चुनाव होने हैं. यहां 11 अप्रैल को पहले चरण में सात सीटों पर मतदान होना है.