Friday, December 21, 2018

अमरीका ने चीन पर लगाए सरकारी एजेंसियां हैक करने के आरोप

अमरीका ने चीन पर आरोप लगाए हैं कि उसने अमरीका की कई सरकारी एजेंसियों को हैक करने की कोशिश की है.

इस सिलसिले में अमरीकी न्याय विभाग ने चीन के दो नागरिकों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि वे पश्चिमी देशों की सरकारी एजेसियों को हैक कर रहे थे.

इन दोनों चीनी नागरिकों के नाम झु हुआ और झैंग शिलोंग बताए गए हैं, जो कि 'एडवांस परसिसटेंट थ्रेट 10' समूह के सदस्य थे. यह समूह चीन की खुफिया एजेंसी से जुड़ा है.

अमरीका के साथ-साथ ब्रिटेन ने भी चीन पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं. ब्रिटेन ने कहा है कि चीन ने दोनों देशों के बीच बने आर्थिक जासूसी समझौते का उल्लंघन किया है.

अमरीकी ख़ुफिया एजेंसी एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने इस संबंध में एक प्रेस वार्ता कर कहा, ''हमारी जांच में पाया गया है कि यह मामला बेहद गंभीर है और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके जरिए हमारे देश के आर्थिक तंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. चीन चाहता है कि वह अमरीका को हटाकर दुनिया के शीर्ष पर खुद को स्थापित कर ले.''

एफबीआई ने बताया है कि इन हैकरों ने अमरीकी नौ सेना के कम्प्यूटर भी हैक किए और 1 लाख से अधिक कर्मचारियों के निजी डेटा को चोरी किया.

अमरीका के डिप्टी एटर्नी जनरल रोड रोसनटीन ने कहा कि चीन ने साल 2015 में हुए समझौते का उल्लंघन किया है जिसके तहत दोनों देशों ने वादा किया था कि वे आर्थिक साइबर जासूसी नहीं करेंगे.

वहीं ब्रिटेन ने कहा है कि वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर चीन पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा जिससे चीन इस तरह की साइबर जासूसी पर लगाम लगाए.

अमरीका और ब्रिटेन के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड और स्वीडन भी चीन पर इस तरह के आरोप लगा चुके हैं.

हालांकि अमरीका और ब्रिटेन ने उन कंपनियों के नाम जाहिर नहीं किए हैं जिनके डेटा को हैक किया गया.

Friday, December 7, 2018

वो बीमारी जिससे ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ बिखरा भारतीय टॉप ऑर्डर

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर जब भारतीय टीम पहुंची तो इस बार न मीडिया में और न ही किसी पूर्व खिलाड़ी का कटाक्ष आया तो लगा कि इस बार के सिरीज़ में कुछ अलग ही होना है.

कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स ने भी कहा कि कंगारुओं को हराने का यह भारतीय टीम के पास सबसे अच्छा मौक़ा है, स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर जो टीम में नहीं हैं.

फिर एडिलेड में जब कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीता तो लगा कि चलो आग़ाज़ तो अच्छा है.

लेकिन जैसे ही टीम बल्लेबाज़ी के लिए उतरी तो एक बार फिर वही पुरानी कहानी दोहरा दी गई.

एक छोर पर चेतेश्वर पुजारा जमे रहे लेकिन दूसरे छोर से एक-एक कर विकेट गिरते गए.

द गॉड ऑफ़ स्टंप्स
एक बार फिर तेज़ गेंदबाज़ी के आगे भारतीय शीर्ष क्रम का नतमस्तक होना क्रिकेट प्रशंसकों को निराश कर गया. साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई कि आख़िर ऑस्ट्रेलियाई धरती पर भारतीय टीम के लड़खड़ाने की वजह क्या है.

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भारतीय टीम की लापरवाह बल्लेबाज़ी का नतीजा है जिसकी वजह से एडिलेड में शीर्ष क्रम बिखर गया. साथ ही उनका यह भी मानना है कि बल्लेबाज़ों का शॉट सेलेक्शन ख़राब था और इसके साथ ही एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है भारतीय बल्लेबाज़ों की ऑफ़ स्टंप्स से बाहर जाती गेंदों को छेड़ने की आदत की.

ये वो आदत है जिससे भारतीय पिचों पर तो ड्राइव कर बल्लेबाज़ रन बनाने में कामयाब रहते हैं, लेकिन तेज़ पिचों पर ऐसा करना आत्महत्या कहा जा सकता है.

आख़िर क्यों भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए ऑफ़ स्टंप्स से बाहर जाती गेंद को छोड़ना इतना मुश्किल हो जाता है.

मज़ेदार तो यह है कि भारतीय खिलाड़ी रन बनाने की कोशिश में आउट नहीं हुए. बल्कि बाहर जाती गेंद पर एक ग़लत शॉट खेलने के क्रम में उनके बल्ले के बाहरी किनारे से गेंद छूती है और वो कैच आउट हो जाते हैं.

यह सिलसिला दक्षिण अफ़्रीका की तेज़ पिचों पर भी था और एडिलेड में भी यही हुआ. पिच रिव्यू के मुताबिक़ एडिलेड की पिच पर घास नहीं है, मतलब यह कि यह बल्लेबाज़ी के लिए बहुत मुश्किल पिच नहीं है.

लेकिन लगता है कि भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए ऑफ़ स्टंप्स की गेंद को छोड़ने का नेट्स पर अभी और अभ्यास करने की ज़रूरत है.

Monday, December 3, 2018

मिस्र की अभिनेत्री के कपड़े पर बवाल, मुक़दमा दर्ज

मिस्र की एक अभिनेत्री के काहिरा फ़िल्म फेस्टिवल के दौरान पारदर्शी कपड़े पहनने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस अभिनेत्री पर व्याभिचार के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है.

दरअसल काहिरा फ़िल्म फेस्टिवल के दौरान रानिया यूसेफ़ ने काले रंग वाला पारदर्शी कपड़ा पहना था, जिसमें उनके पांव का अधिकांश हिस्सा नजर आ रहा था. उनकी इस ड्रेस को लोगों ने मुद्दा बना दिया.

हालांकि कुछ लोगों का ये भी कहना है कि रानिया को अपनी पसंद के मुताबिक कपड़े पहनने का अधिकार था.

मिस्र की न्यायिक प्रणाली से जुड़े लोगों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि अगर रानिया दोषी पाईं गईं तो उन्हें पांच सालों तक की कैद हो सकती है.

हालांकि रानिया ने इसके लिए माफ़ी मांगी है. 44 साल की रानिया ने कहा कि अगर उन्हें मालूम होता कि उनके कपड़े से इतना विवाद उत्पन्न होता तो वो ये कपड़े नहीं पहनतीं.

परंपरा-संस्कृति बना मुद्दा
हालांकि रानिया के ख़िलाफ़ एमरो आब्देसलाम और समीर सबरी ने मुक़दमा दर्ज कराया है. ये दोनों सेलिब्रेटी लोगों पर मुक़दमा करने के लिए जाने जाते हैं.

सबरी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी ने कहा, "रानिया का पहनावा समाज के मूल्यों, परंपराओं और नैतिकताओं के मुतबिक नहीं है. इससे फ़िल्म फेस्टिवल और मिस्र की महिलाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है."

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मिस्र के कलाकारों के सिंडिकेट ने भी अपने कुछ मेहमानों के पहनावे पर एतराज़ जताया है. रानिया ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि उनसे कपड़ा चुनने में ग़लती हो गई.

उन्होंने लिखा है, "पहली बार मैंने ये ड्रेस पहनी, मुझे ये नहीं लगा कि इसको लेकर इतना आक्रोश पैदा होगा. लेकिन मैं अपने समाज के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हूं."

पिछले साल, मिस्र की एक अदालत ने सिंगर शाइमा अहमद को- केला खाते हुए अंडरवियर वाले एक म्यूज़िक वीडियो- के चलते दो साल की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में एक साल कर दिया गया.

इसके बाद जनवरी में एक और सिंगर लैला आमेर को भड़काऊ म्यूज़िकल डांस के चलते मुक़दमा दर्ज किया गया था.